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हर जांच में सरकार पर हमला क्यों? अरविंद पांडे के बयान पर गरमाई सियासत

 

 

20 हजार के इनामी और दर्जनों भूमि धोखाधड़ी मामलों में जेल भेजे जा चुके प्रदीप सकलानी से पूछताछ में कई संदिग्ध नाम सामने आने के बाद पुलिस लगातार जांच में जुटी है। इसी क्रम में पत्रकार हेम भट्ट को पूछताछ के लिए थाने लाया गया, लेकिन भाजपा विधायक अरविंद पांडे ने इसे “गिरफ्तारी” बताकर राजनीतिक रंग देने की कोशिश शुरू कर दी।

अब पुलिस की आधिकारिक जानकारी ने पांडे के दावों की पोल खोल दी है। पुलिस ने साफ कहा है कि हेम भट्ट को गिरफ्तार नहीं किया गया, बल्कि प्रदीप सकलानी द्वारा पूछताछ में बताए गए संदिग्ध संपर्कों के आधार पर उनसे जानकारी ली जा रही है।

गौरतलब है कि प्रदीप सकलानी पर 26 से अधिक जमीन धोखाधड़ी के मुकदमे दर्ज हैं और कई मामलों में वह लंबे समय से वांछित चल रहा था। जांच एजेंसियों का कहना है कि आरोपी से जुड़े हर व्यक्ति और संपर्क की जांच की जा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का खुलासा हो सके।

राजनीतिक गलियारों में अब सवाल उठ रहे हैं कि आखिर हर संवेदनशील जांच को सरकार विरोधी नैरेटिव में बदलने की कोशिश क्यों की जाती है? विपक्ष पर निशाना साधने वाले बयान हों या पुलिस कार्रवाई पर बिना तथ्य आरोप लगाना — अरविंद पांडे लगातार ऐसे बयान देते रहे हैं, जिनसे सरकार और पुलिस की छवि पर सवाल खड़े हों।

लेकिन इस बार पुलिस के तथ्यों ने साफ कर दिया कि मामला पत्रकारिता नहीं, बल्कि जांच प्रक्रिया से जुड़ा है.. आगे हेम भट्ट द्वारा जो भी बयान आएगा उसको भी छाप और प्रकाशित किया जाएगा

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