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बड़ी ख़बर उत्तराखंड में जल्द लागू होगा यूसीसी, धामी कैबिनेट मीटिंग में यूसीसी को दी गई हरी झंडी

धामी कैबिनेट ने यूसीसी के ड्राफ्ट पर लगाई मुहर,अब 6 फरवरी को विधानसभा में रखा जाएगा बिल

मुख्यमंत्री धामी ने कहा देवतुल्य जनता को नमन कर सभी विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद यूसीसी को राज्य में लागू किया जाएगा

यूसीसी : दो फरवरी को ड्राफ्टिंग कमेटी ने धामी सरकार को सौंपा था ड्राफ्ट,धामी कैबिनेट ने यूसीसी के ड्राफ्ट पर लगाई मुहर,अब 6 फरवरी को विधानसभा में रखा जाएगा बिल

अब धामी सरकार विधानसभा में विधेयक लाकर प्रदेश में यूसीसी लागू करेगी

मुख्यमंत्री धामी ने कहा प्रधानमंत्री मोदी के मार्गदर्शन में आगे बढ़ रहा है उत्तराखंड

मुख्यमंत्री धामी ने कहा पूरी विधिक प्रक्रिया पूरी कर लागू करेंगे यूसीसी

प्रदेश में समान नागरिक संहिता यूसीसी लागू करने की घड़ी अब करीब आ गई है। यूसीसी को लेकर गठित विशेषज्ञ समिति दो फरवरी को यूसीसी का ड्राफ्ट मुख्यमन्त्री को सौंप चुकी है और शनिवार को धामी कैबिनेट ने यूसीसी के ड्राफ्ट पर अपनी मुहर लगा दी है

उत्तराखंड से आज की बड़ी खबर

UCC ड्राफ्ट को लेकर बुलाई गई कैबिनेट बैठक हुई समाप्त

कैबिनेट ने समान नागरिक संहिता UCC पर लगाई अपनी मुहर

UCC को लेकर मुख्यमंत्री आवास सभागार में हुई प्रदेश मंत्रिमंडल की महत्वपूर्ण बैठक

बैठक में किया गया समान नागरिक संहिता का प्रस्तुतीकरण

मंत्रिमंडल के समक्ष किया गया प्रस्तुतीकरण

प्रस्तुतीकरण अवलोकन के पश्चात मंत्रिमंडल ने लगाई UCC ड्राफ्ट पर अपनी मुहर

मंत्रिमंडल ने किया विधानसभा के पटल पर रखे जाने का अनुमोदन प्रदान

बता दें कि दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने के बाद सीएम धामी ने अपने वायदे के अनुसार 23 मार्च 2022 को हुई पहली कैबिनेट बैठक में राज्य में नागरिक संहिता कानून (यूसीसी) लागू करने का फैसला किया। यूसीसी का ड्राफ्ट तैयार करने के लिए 27 मई 2022 को सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में विशेषज्ञ समिति गठित कर दी गईi

*यह है पांच सदस्यीय विशेषज्ञ समिति*
सुप्रीम कोर्ट की सेवानिवृत्त न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना देसाई की अध्यक्षता में गठित समिति में दिल्ली हाईकोर्ट के न्यायाधीश न्यायमूर्ति प्रमोद कोहली, उत्तराखंड के पूर्व मुख्य सचिव शत्रुघ्न सिंह, दून विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल और सामाजिक कार्यकर्ता मनु गौड़ शामिल हैं।

*क्या है समान नागरिक संहिता*
समान नागरिक संहिता (यूसीसी) में देश में निवास कर रहे सभी धर्म और समुदाय के लोगों के लिए समान कानून की वकालत की गई है। अभी हर धर्म और जाति का अलग कानून है, इसके हिसाब से ही शादी, तलाक जैसे व्यक्तिगत मामलों में निर्णय होते हैं। यूसीसी लागू होने के बाद हर धर्म और जाति के नागरिकों के लिए विवाह पंजीकरण, तलाक, बच्चा गोद लेना और सम्पत्ति के बंटवारे जैसे मामलों में समान कानून लागू होगा।

सीएम धामी ने कहा कि पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने का वायदा किया था। उत्तराखंड की देवतुल्य जनता ने लगातार दूसरी बार सेवा का मौका दिया तो पहली कैबिनेट बैठक में अपने वायदे के अनुसार विशेषज्ञ समिति गठित करने का फैसला किया।

*माणा गांव में हुई पहली बैठक*
सीएम धामी ने कहा कि विशेषज्ञ समिति ने चमोली जिले में भारत-चीन सीमा पर स्थित देश के पहले गांव माणा से अपना काम शुरू किया। समिति ने गांव में बैठक कर यहां निवास कर रहे जनजाति समूह के लोगों से संवाद किया।

*दो लाख 33 हजार लोगों से किया संवाद*
मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि विशेषज्ञ समिति ने यूसीसी पर आम जनता की राय जानने के लिए 45 स्थानों पर जनसंवाद और 72 बैठकें की। ऑनलाइन सुझावों के लिए वेब पोर्टल भी लांच किया गया। समिति ने दो लाख 33 हजार लोगों से संवाद कर उनके विचार जाने। देश में यह पहला मौका है जबकि यूसीसी के सम्बंध में इतनी बड़ी संख्या यानि 10 फीसदी लोगों ने अपनी राय दी है।

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