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जब उत्तराखंड ने देखा एक जनसेवक नहीं, परिवार का सदस्य मुख्यमंत्री धामी

 

लोकपर्व इगास (बूढ़ी दिवाली) के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी रुद्रप्रयाग के आपदा प्रभावित परिवारों के बीच पहुँचे। इस बार रुद्रप्रयाग में यह पर्व संवेदना और स्नेह के दीपों से रोशन हुआ।मुख्यमंत्री धामी ने आपदा में अपना सब कुछ खो चुके परिवारों से भेंट की, उनका हालचाल जाना और उनके साथ बैठकर भोजन भी साझा किया। जब माताओं ने मुख्यमंत्री को गले लगाया, आँखों से आँसू बह निकले — लेकिन वे आँसू दुःख के साथ-साथ विश्वास और अपनत्व के भी प्रतीक थे। कई माताओं ने मुख्यमंत्री को आशीर्वाद दिया, अपनी पीड़ा सुनाई, और कहा कि आज इगास का पर्व फिर से अपनेपन से भर गया है।
मुख्यमंत्री धामी ने भावुक होकर कहा — “ये क्षण मेरे जीवन के अत्यंत भावुक और हृदय को द्रवित करने वाले हैं। माताओं से मिला आशीर्वाद और बहनों के अटूट विश्वास ने मुझे देवभूमि उत्तराखंड की सेवा के लिए आजीवन समर्पित रहने की प्रेरणा दी है।”
उन्होंने आगे कहा — “आपका दुःख मेरा अपना दुःख है। आपके जीवन में फिर से मुस्कान लौटाना ही मेरे जीवन का सबसे बड़ा ध्येय है। राज्य की सेवा करते हुए जो स्नेह, विश्वास और अपनापन आप सबके बीच से मिलता है — वही मेरी सबसे बड़ी पूंजी और शक्ति है।”

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