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मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह मंच महिलाओं को वैश्विक स्तर पर जोड़ने, विचार साझा करने और नवाचार को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रहा है

 

देहरादून 30 अक्टूबर, मसूरी में राष्ट्रीय इलैक्ट्रोनिकी एवं सूचना प्रौद्योगिकी संस्थान द्वारा आयोजित दो दिवसीय यूपीडब्यूकॉन 2025 का उद्घाटन प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने दीप प्रज्जवलित कर किया।

कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह “पहला अंतरराष्ट्रीय महिला इंजीनियरिंग सम्मेलन” केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि यह नई सोच और नई दिशा का प्रतीक है, जो भारत की नारी शक्ति को विज्ञान, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में आगे बढ़ने की नई ऊर्जा और प्रेरणा दे रही है।

उन्होंने कहा कि मैंने अपने जीवन में भारतीय सेना में एक सैनिक के रूप में और अब उत्तराखण्ड सरकार में एक जनसेवक के रूप में कार्य किया है। इन दोनों अनुभवों ने मुझे एक बात सिखाई है किसी भी राष्ट्र की असली शक्ति उसके लोगों में होती है, और उस शक्ति का आधा भाग हमारी माताओं, बहनों और बेटियों के रूप में नारी शक्ति में निहित है। आज भारत की महिलाएँ हर क्षेत्र में अग्रणी हैं। अंतरिक्ष से लेकर सूचना प्रौद्योगिकी तक, इंजीनियरिंग से लेकर उद्यमिता तक। हम सबको गर्व है कि भारत की बेटियाँ न केवल घर संभाल रही हैं, बल्कि देश का भविष्य भी गढ़ रही हैं।

उत्तराखण्ड सरकार के रूप में हम भी महिलाओं को तकनीकी शिक्षा और डिजिटल सशक्तिकरण के माध्यम से आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयासरत हैं। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ और ‘नारी शक्ति को नई दिशा देने’ के विज़न से प्रेरित होकर, पूरे देश में तथा हमारे राज्य उत्तराखण्ड में भी शिक्षा, डिजिटल इंडिया मिशन और स्किल डेवलपमेंट प्रोग्राम्स को गाँव-गाँव तक पहुँचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि यह मंच महिलाओं को वैश्विक स्तर पर जोड़ने, विचार साझा करने और नवाचार को आगे बढ़ाने का अवसर प्रदान कर रहा है।

इस दौरान नाईलीट के महानिदेशक प्रो0 मदन मोहन त्रिपाठी, डा0 रहमान, डा0 प्रीति बंसल, तुलिया पाण्डे, डा0 सुनील श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

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