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मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ राज्य के बुनियादी ढाँचे, जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा और सार्वजनिक सर्विस डिलीवरी व्यवस्था को मज़बूती प्रदान करेंगी

 

 

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को जीएसटी सुधारों के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए वित्त मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड राज्य को दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

 

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील एवं भारी वर्षा वाले प्रदेश में नगरीय जल निकासी प्रणाली (Urban Drainage System) के सुधार और अपग्रेडेशन की बहुत आवश्यकता है। इसके लिए राज्य के सर्वाधिक बारिश से प्रभावित 10 जिलों के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के उन्नयन और सुधार के लिए डीपीआर तैयार की गई हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत रुपये 8,589.47 करोड़ है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से इन परियोजनाओं को पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

 

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से उत्तराखंड राज्य के बाह्य सहायतित परियोजनाओं (EAPs) की शीघ्र स्वीकृति का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से उत्तराखंड क्लाइमेट रिज़िलीअन्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है। इसी के साथ राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना के लिए 850 करोड़ रुपये और जलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए 800 करोड़ का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से इन परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति कराने का अनुरोध किया।

 

मुख्यमंत्री श्री धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री से पूर्व में मिले आश्वासन के क्रम में उत्तराखंड को वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बाह्य सहायतित परियोजनाओं की सीलिंग के अतिरिक्त 4 अन्य प्रमुख परियोजनाओं को भी शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। इन परियोजनाओं में 2000 करोड़ की जल एवं स्वच्छता नगरीय अवसंरचना विकास परियोजना, 424 करोड़ रुपये की डीआरआईपी -III, 3638 करोड़ रुपए की उत्तराखंड क्लाइमेट रेसिलिएंट इंट्रा स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन सिस्टम डेवलपमेंट और 1566 करोड़ रुपये की उत्तराखंड पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन रिलायबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट शामिल है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ राज्य के बुनियादी ढाँचे, जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा और सार्वजनिक सर्विस डिलीवरी व्यवस्था को मज़बूती प्रदान करेंगी।

 

केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री श्री धामी को हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।हा कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ते जनसंख्या दबाव को देखते हुए नगरीय जल निकासी प्रणाली के सुधार और अपग्रेडेशन की अत्यंत आवश्यकता है।

मुख्यमंत्री धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री से ₹8,589.47 करोड़ की लागत से 10 जिलों में स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के उन्नयन हेतु डीपीआर को विशेष सहायता योजना में स्वीकृति देने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री से उत्तराखंड की बाह्य सहायतित परियोजनाओं (EAPs) की शीघ्र स्वीकृति का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री धामी ने बताया कि उत्तराखंड क्लाइमेट रेज़िलिएन्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है, जबकि ₹850 करोड़ की वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना और ₹800 करोड़ की जलापूर्ति परियोजना केंद्र को भेजी गई हैं।

 

 

 

मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने गुरुवार को नई दिल्ली में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण से भेंट कर राज्य से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की। मुख्यमंत्री ने वित्त मंत्री को जीएसटी सुधारों के सफल क्रियान्वयन के लिए शुभकामनाएँ देते हुए वित्त मंत्रालय द्वारा उत्तराखंड राज्य को दिए गए सहयोग के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य के शहरी क्षेत्रों में जनसंख्या का दबाव लगातार बढ़ रहा है। पारिस्थितिक रूप से संवेदनशील एवं भारी वर्षा वाले प्रदेश में नगरीय जल निकासी प्रणाली (Urban Drainage System) के सुधार और अपग्रेडेशन की बहुत आवश्यकता है। इसके लिए राज्य के सर्वाधिक बारिश से प्रभावित 10 जिलों के लिए स्टॉर्म वाटर ड्रेनेज सिस्टम के उन्नयन और सुधार के लिए डीपीआर तैयार की गई हैं, जिनकी कुल अनुमानित लागत रुपये 8,589.47 करोड़ है। उन्होंने केंद्रीय वित्त मंत्री से इन परियोजनाओं को पूंजीगत निवेश के लिए राज्यों को विशेष सहायता योजना के अंतर्गत स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से उत्तराखंड राज्य के बाह्य सहायतित परियोजनाओं (EAPs) की शीघ्र स्वीकृति का भी अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत तीन महत्वपूर्ण परियोजनाओं में से उत्तराखंड क्लाइमेट रिज़िलीअन्स डेवलपमेंट प्रोजेक्ट को स्वीकृति मिल चुकी है। इसी के साथ राज्य सरकार की ओर से सार्वजनिक वित्तीय प्रबंधन सुदृढ़ीकरण परियोजना के लिए 850 करोड़ रुपये और जलापूर्ति व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए 800 करोड़ का प्रस्ताव भी केंद्र सरकार को भेजा गया है। मुख्यमंत्री ने केंद्रीय वित्त मंत्री से इन परियोजनाओं की शीघ्र स्वीकृति कराने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री श्री धामी ने केंद्रीय वित्त मंत्री से पूर्व में मिले आश्वासन के क्रम में उत्तराखंड को वित्तीय वर्ष 2023-24 से 2025-26 के बाह्य सहायतित परियोजनाओं की सीलिंग के अतिरिक्त 4 अन्य प्रमुख परियोजनाओं को भी शीघ्र स्वीकृति प्रदान करने का अनुरोध किया। इन परियोजनाओं में 2000 करोड़ की जल एवं स्वच्छता नगरीय अवसंरचना विकास परियोजना, 424 करोड़ रुपये की डीआरआईपी -III, 3638 करोड़ रुपए की उत्तराखंड क्लाइमेट रेसिलिएंट इंट्रा स्टेट पॉवर ट्रांसमिशन सिस्टम डेवलपमेंट और 1566 करोड़ रुपये की उत्तराखंड पॉवर डिस्ट्रीब्यूशन रिलायबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट शामिल है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ये सभी परियोजनाएँ राज्य के बुनियादी ढाँचे, जल संसाधन प्रबंधन, ऊर्जा और सार्वजनिक सर्विस डिलीवरी व्यवस्था को मज़बूती प्रदान करेंगी।

केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने मुख्यमंत्री श्री धामी को हर संभव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।

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