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नकल माफिया हो या अफसर – कोई नहीं बचेगा” – धामी सरकार का एक्शन मोड, के.एन. तिवारी पर कार्रवाई

 

स्नातक स्तरीय परीक्षा 2025 में लापरवाही पर तत्काल निलंबन की कार्यवाही

मुख्य बिंदु:

1. परीक्षा में सुरक्षा उल्लंघन
दिनांक 21.09.2025 को उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (UKSSSC) द्वारा आयोजित स्नातक स्तरीय परीक्षा के दौरान, हरिद्वार के एक परीक्षा केन्द्र में गंभीर लापरवाही सामने आई।
परीक्षा केन्द्र आदर्श बाल सदन इंटर कॉलेज, बहादरपुर जट, हरिद्वार (कोड: 1302) में एक अभ्यर्थी ने प्रश्नपत्र के 12 प्रश्नों की मोबाइल से फोटो खींचकर बाहर भेजी।

2. पर्यवेक्षण में लापरवाही
परीक्षा की निगरानी हेतु नियुक्त अधिकारियों/कार्मिकों के होते हुए भी ऐसी घटना का घटित होना दर्शाता है कि पर्यवेक्षण कार्य में घोर लापरवाही बरती गई।
इस परीक्षा केन्द्र के सेक्टर मजिस्ट्रेट के रूप में श्री के.एन. तिवारी, परियोजना निदेशक, जिला ग्राम्य विकास अभिकरण, हरिद्वार तैनात थे।

3. प्रथम दृष्टया दोषी पाए जाने पर कार्रवाई
श्री के.एन. तिवारी को प्रथम दृष्टया दोषी पाते हुए, परीक्षा दायित्वों के प्रति असंवेदनशीलता व लापरवाही के लिए उत्तरदायी माना गया है।

4. तत्काल प्रभाव से निलंबन
श्री के.एन. तिवारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है।
निलंबन अवधि में उन्हें आयुक्त, ग्राम्य विकास कार्यालय, पौड़ी से संबद्ध किया गया है।

5. निलंबन अवधि में देय वित्तीय लाभ
निलंबन की अवधि में नियमों के अनुसार उन्हें:
अर्द्धवेतन के बराबर जीवन निर्वाह भत्ता देय होगा।
पात्रता होने पर मंहगाई भत्ता भी अनुमन्य हो सकता है।
अन्य भत्ते तभी देय होंगे जब वे यह प्रमाणित करेंगे कि वे किसी अन्य व्यवसाय, सेवा या रोजगार में संलग्न नहीं हैं।
धामी सरकार की चेतावनी
उत्तराखण्ड शासन ने यह स्पष्ट किया है कि परीक्षा जैसी गंभीर व संवेदनशील प्रक्रिया में लापरवाही को किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

सुचिता एवं पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कठोर अनुशासनात्मक कार्यवाहियां की जाएंगी।

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